GSX-8R रिव्यू: ₹9.25 लाख में स्पोर्ट्स और कम्फर्ट का बैलेंस

Suzuki GSX-8R उन राइडर्स के लिए बनी है जो अपनी पहली ‘बड़ी बाइक’ की तलाश में हैं। ये बाइक न तो सबसे तेज़ है, न सबसे स्टाइलिश। लेकिन इसका असली कमाल है इसकी सादगी और संतुलन। ₹9.25 लाख (एक्स-शोरूम, दिल्ली) की कीमत में यह अपने सेगमेंट की सबसे किफायती फुल-फेयर्ड मिडलवेट बाइक है। इसका मुकाबला सीधे Honda CBR650R और Triumph Daytona 660 जैसी बाइक्स से होता है।

GSX-8R को उसी प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है जिस पर GSX-8S और V-Strom 800 जैसे मॉडल बने हैं। यहां Suzuki ने ट्रैक के बजाय रियल लाइफ पर फोकस किया है। इसे रोज़मर्रा की राइडिंग, आरामदायक टूअरिंग और कंट्रोल में रहने वाले परफॉर्मेंस को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

हमने इस बाइक को पुणे की सड़कों पर चलाया। ऑफिस जाने वाले ट्रैफिक से लेकर हाईवे राइड और घाट सेक्शन तक सब कुछ कवर किया। इस पूरे अनुभव के बाद यही कह सकते हैं कि GSX-8R बहुत कुछ सही करती है लेकिन सब कुछ नहीं।

डिज़ाइन और लुक्स

Suzuki GSX-8R का लुक एकदम स्पोर्टी है, लेकिन इसकी पर्सनैलिटी में एक परिपक्वता भी दिखती है। पहली नज़र में ये बाइक पूरी तरह एक फुल-फेयर्ड स्पोर्टबाइक की तरह दिखती है। शार्प फ्रंट फेयरिंग, स्लीक अंडरबेली एग्जॉस्ट और मस्कुलर साइड प्रोफाइल इसे एक एग्रेसिव स्टांस देती है। लेकिन जब आप ध्यान से देखते हैं तो समझ आता है कि Suzuki ने इसे सिर्फ रेसट्रैक के लिए नहीं बल्कि रियल लाइफ के लिए भी तैयार किया है।

इंजन का हिस्सा पूरी तरह से कवर नहीं किया गया है, जिससे इसका मैकेनिकल लुक उभर कर आता है। एल्यूमिनियम ट्रेलिस सबफ्रेम और कॉम्पैक्ट टेल सेक्शन इसे एक क्लीन फिनिश देते हैं। हालांकि हर डिटेल पर तारीफ नहीं की जा सकती। वर्टिकली स्टैक्ड प्रोजेक्टर हेडलाइट्स कुछ लोगों को अटपटी लग सकती हैं और सामने नंबर प्लेट के लिए दिया गया मेटल ब्रैकेट डिज़ाइन को थोड़ा बिगाड़ देता है।

Suzuki GSX-8R 2025 side profile with fairing and frame exposed
Suzuki GSX-8R का क्लीन साइड प्रोफाइल, जिसमें इसका एल्यूमिनियम फ्रेम और शार्प फेयरिंग डिज़ाइन साफ दिखता है

बिल्ड क्वालिटी की बात करें तो यह बाइक निराश नहीं करती। पैनल गैप्स बराबर हैं, पेंट फिनिश प्रीमियम है और स्विचगियर से लेकर बॉडी पार्ट्स तक हर चीज़ में सॉलिडनेस महसूस होती है। तीन कलर ऑप्शन में ‘Triton Blue’ सबसे ज़्यादा आकर्षक लगता है। इसका कॉम्बिनेशन ब्लैक पैनल्स और ग्रे इंजन केसिंग के साथ शानदार दिखता है।

कुल मिलाकर, GSX-8R का डिज़ाइन स्पोर्टी ज़रूर है लेकिन इसमें एक परिपक्व और समझदारी भरा टच भी है। ये बाइक हर जगह ध्यान खींचेगी लेकिन बिना ज़रूरत से ज़्यादा शो-ऑफ किए।

एर्गोनॉमिक्स और कम्फर्ट

देखने में Suzuki GSX-8R जितनी स्पोर्टी लगती है, उस हिसाब से इसकी राइडिंग पोजिशन काफी सहज है। क्लिप-ऑन हैंडलबार ऊंचाई पर और राइडर के पास की ओर दिए गए हैं, जिससे राइडिंग ट्राइएंगल ज़्यादा आक्रामक नहीं बल्कि संतुलित लगता है। चाहे आप ट्रैफिक में हों या हाईवे पर क्रूज़ कर रहे हों, ये सेटअप हर हाल में कंफर्ट देता है।

810mm की सीट हाइट इसे ज्यादातर राइडर्स के लिए एक्सेसिबल बनाती है। जिनकी हाइट 5’5” या उससे ऊपर है, उन्हें आसानी से दोनों पैर जमीन पर टिकते हैं। बाइक की कमर पतली है जिससे छोटी हाइट वाले राइडर्स के लिए भी यह ज्यादा मुश्किल नहीं बनती। सीट की कुशनिंग संतुलित है। न ज़्यादा सॉफ्ट और न ही हार्ड। हमने इसे पुणे में 100 किलोमीटर से ज़्यादा की राइड्स में टेस्ट किया और एक बार भी रुकने की ज़रूरत महसूस नहीं हुई।

हालांकि लंबी हाइट वाले राइडर्स को थोड़ा कॉम्पैक्ट महसूस हो सकता है, खासकर जब वे विंडस्क्रीन के पीछे टक पोजिशन में आने की कोशिश करते हैं। वहीं, पिलियन सीट थोड़ी छोटी और ऊंची है, जिससे पीछे बैठने वाले को चढ़ने में दिक्कत हो सकती है। ग्रैब रेल्स की पोजिशन भी ऐसी है कि उंगलियों को नीचे से खिसका कर पकड़ना पड़ता है।

इसका मतलब यह है कि Suzuki ने 8R को राइडर के लिए प्रायरिटी दी है। पिलियन के लिए यह बाइक छोटी राइड्स में तो ठीक है लेकिन लॉन्ग राइड्स में परेशानी दे सकती है। फिर भी अगर बात सिर्फ राइडर की हो, तो GSX-8R कम्फर्ट और कंट्रोल दोनों का अच्छा बैलेंस देती है।

इंजन और परफॉर्मेंस

Suzuki GSX-8R में 776cc का पैरेलल-ट्विन इंजन दिया गया है, जो 82.9PS की पावर और 78Nm का टॉर्क जनरेट करता है। आंकड़ों में ये इंजन बहुत आक्रामक नहीं लगता, लेकिन इसकी असली ताकत है इसका स्मूद और टॉर्की मिड-रेंज, जो इसे रियल-वर्ल्ड परफॉर्मेंस के लिए एकदम फिट बनाता है।

इस इंजन का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है इसका ट्रैक्टेबल नेचर। शहर की ट्रैफिक में आप इसे तीसरे या चौथे गियर में बिना ज़्यादा शिफ्टिंग के चला सकते हैं। थ्रॉटल रिस्पॉन्स लाइनियर है और क्विकशिफ्टर के साथ गियर शिफ्ट बहुत हल्के महसूस होते हैं। स्लिपर क्लच भी क्लच ऑपरेशन को आसान बना देता है, जिससे ट्रैफिक में भी हाथ थकता नहीं।

जब बाइक हाईवे पर पहुंचती है, तब ये इंजन अपना असली कमाल दिखाता है। 0 से 100 किमी/घंटा की स्पीड लगभग 4 सेकंड में पकड़ लेता है और 120 किमी/घंटा पर बिना किसी कंपन के क्रूज़ करता है। A, B और C जैसे तीन राइडिंग मोड्स मिलते हैं। A मोड में थ्रॉटल थोड़ा ज्यादा रेस्पॉन्सिव हो जाता है, जबकि C मोड शहर के लिए सबसे स्मूद और रिलैक्स्ड रहता है। B मोड दोनों के बीच का बैलेंस देता है।

एक बात जो इस इंजन में मिसिंग लगती है, वो है एक्साइटमेंट का वो शोर और करैक्टर जो इनलाइन-4 या ट्रायम्फ के ट्रिपल इंजन में मिलता है। GSX-8R का इंजन तेज़ ज़रूर है, लेकिन शांत और सभ्य भी। यही कारण है कि ये नई बड़ी बाइक लेने वाले राइडर्स के लिए डर पैदा नहीं करता बल्कि कॉन्फिडेंस देता है।

राइड क्वालिटी और हैंडलिंग

205 किलो का कर्ब वज़न होने के बावजूद Suzuki GSX-8R चलाने में भारी महसूस नहीं होती। शहर में इसका बैलेंस इतना अच्छा है कि इसे छोटी 300cc बाइक की तरह आसानी से मोड़ा और चलाया जा सकता है। ऊंचा हैंडलबार और संतुलित फ्रेम इसे ट्रैफिक में मैनोवर करने में काफी आसान बनाते हैं।

GSX-8R की चेसिस एक ट्यूबलर स्टील फ्रेम है जिसमें इंजन स्ट्रेस्ड मेंबर की तरह फिट किया गया है। आगे Showa SFF-BP USD फोर्क और पीछे प्रीलोड एडजस्टेबल मोनोशॉक दिया गया है। सस्पेंशन सेटअप में कोई डैम्पिंग एडजस्टमेंट नहीं मिलता, लेकिन फैक्ट्री ट्यूनिंग भारतीय सड़कों के लिए काफी संतुलित है।

शहर की सड़कों पर छोटे-मोटे गड्ढे और स्पीड ब्रेकर यह बाइक आसानी से सोख लेती है। आगे का सस्पेंशन स्मूद फील देता है जबकि पीछे का हिस्सा थोड़ा सख्त है, जिससे तेज़ स्पीड पर अगर आप ध्यान न दें तो पीठ में हल्का झटका महसूस हो सकता है।

कॉर्नरिंग की बात करें तो GSX-8R शार्प टर्न्स में थोड़ी ज्यादा मेहनत मांगती है, खासकर अगर आप तेज़ी से डाइरेक्शन बदलना चाहें। लेकिन लंबे और स्वीपिंग कॉर्नर्स में इसकी स्टेबिलिटी बहुत बढ़िया रहती है। Dunlop Roadsport 2 टायर्स ठीक-ठाक ग्रिप देते हैं, लेकिन मिड-कॉर्नर में उछाल या कंकड़ आने पर भरोसा थोड़ा डगमगा सकता है।

Rider cornering on Suzuki GSX-8R 2025 on a winding highway
टर्न लेते हुए Suzuki GSX-8R, जो हाईवे पर स्टेबिलिटी और ग्रिप दोनों में भरोसा देती है

ब्रेकिंग न्यूट्रल और प्रेडिक्टेबल है। मतलब यह बाइक न बहुत ज्यादा सेंसिटिव लगती है, न ही सुस्त। नए राइडर्स के लिए यह एक बहुत ही भरोसेमंद और संतुलित राइड एक्सपीरियंस देती है।

फीचर्स और टेक्नोलॉजी

GSX-8R में Suzuki ने एक सिंपल लेकिन काम की टेक्नोलॉजी दी है। ये बाइक हाई-टेक फीचर्स की भीड़ में उलझती नहीं, बल्कि वही देती है जो राइडिंग में वाकई जरूरी है। इसका 5-इंच का कलर TFT डिस्प्ले बेहद क्लियर और रीडेबल है। यहां स्पीड, गियर पोजिशन, ट्रिप, फ्यूल, राइडिंग मोड और ट्रैक्शन कंट्रोल जैसी सारी जानकारी आसानी से मिल जाती है।

Suzuki GSX-8R TFT instrument cluster showing ride mode and gear position
GSX-8R का फुल-कलर TFT डिस्प्ले, जिसमें राइड मोड, गियर पोजिशन और ट्रैक्शन कंट्रोल जैसी सभी जानकारियां साफ़ दिखती हैं

लेकिन एक बात खटकती है — इसमें स्मार्टफोन कनेक्टिविटी नहीं दी गई है। इस प्राइस ब्रैकेट में बेसिक नेविगेशन या कॉल अलर्ट जैसी चीज़ें आजकल आम हो गई हैं, और GSX-8R का इस मामले में पीछे रह जाना थोड़ा हैरान करता है।

बात करें परफॉर्मेंस फीचर्स की, तो यहां Suzuki दिल खोलकर देती है। बाइक में बाय-डायरेक्शनल क्विकशिफ्टर स्टैंडर्ड आता है, जो अपशिफ्ट और डाउनशिफ्ट दोनों को स्मूद बना देता है। स्लिपर क्लच ट्रैफिक में बहुत काम आता है और राइड को हल्का महसूस कराता है। साथ ही, तीन राइडिंग मोड (A, B, C) और तीन-लेवल ट्रैक्शन कंट्रोल भी मौजूद हैं, जिन्हें आप आसानी से लेफ्ट स्विचगियर से कंट्रोल कर सकते हैं।

बाइक में ऑल-LED लाइटिंग मिलती है, जिसमें हेडलाइट्स से लेकर टेललाइट्स तक सब शामिल है। हेडलैंप की डिजाइन थोड़ी अलग जरूर है, लेकिन रात में इसकी रोशनी संतोषजनक है।

अगर आप लंबी दूरी पर टूरिंग का प्लान कर रहे हैं, तो Suzuki ने इसके लिए भी इंतज़ाम किए हैं। सीट के नीचे लगे लगेज लूप्स पर आप आसानी से टेल बैग या सॉफ्ट लगेज बांध सकते हैं।

कुल मिलाकर, GSX-8R उन लोगों के लिए बनी है जो ज़रूरत के फीचर्स चाहते हैं, न कि शो-ऑफ के लिए टेक्नोलॉजी। यह कम देता है, लेकिन जो देता है, उसमें कंजूसी नहीं है।

माइलेज, हीटिंग और सिटी यूज़

बड़ी बाइक्स का नाम सुनते ही ज़हन में एक बात आती है — भारी और झंझट भरी शहर की राइडिंग। लेकिन Suzuki GSX-8R इस सोच को गलत साबित करती है। इसका इंजन इतना स्मूद और थ्रॉटल रिस्पॉन्स इतना लाइनियर है कि ट्रैफिक में इसे चलाना आश्चर्यजनक रूप से आसान लगता है। पुणे जैसे शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों में भी इसने राइडर को कभी थकाया नहीं।

सबसे ज़्यादा प्रभावित करने वाली बात थी इसका हीट मैनेजमेंट। जहां बाकी मिडलवेट बाइक्स थोड़ी देर ट्रैफिक में चलते ही पैरों को तपा देती हैं, वहीं GSX-8R ने 40 डिग्री के तापमान में भी किसी तरह की तकलीफ नहीं दी। रेडिएटर फैन अपनी जगह काम करता रहा और पैरों पर गरम हवा तक महसूस नहीं हुई। सिर्फ एक हल्का-सा वार्मथ था, जो कि बड़े इंजन वाली किसी भी बाइक में सामान्य है।

अब बात माइलेज की करें, तो Suzuki का दावा है कि यह बाइक लगभग 24kmpl तक का माइलेज दे सकती है। हमारे मिक्स्ड राइडिंग टेस्ट में यह आंकड़ा करीब 19–21kmpl के आसपास रहा। अगर आप इसे एग्रेसिव स्टाइल में चलाएंगे तो माइलेज गिरना तय है। इसका 14 लीटर का फ्यूल टैंक शहर और हाईवे मिक्स यूज़ में लगभग 200–220 किलोमीटर की रेंज देता है।

लेकिन जहां ये बाइक सबसे ज़्यादा अंक बटोरती है, वो है उसकी ट्रैक्टेबिलिटी। कम स्पीड पर भी बड़े गियर में चलने की क्षमता इसे शहर के लिए परफेक्ट बनाती है। हल्की क्लच, क्विकशिफ्टर और आरामदायक एर्गोनॉमिक्स मिलकर इसे एक ‘बड़े दिल की स्मार्ट बाइक’ बनाते हैं, जो रोज़ चलाने में भी उतनी ही सहज है जितनी वीकेंड पर लंबी राइड में।

हाईवे परफॉर्मेंस और लॉन्ग राइड एक्सपीरियंस

जैसे ही GSX-8R शहर की हलचल से बाहर निकलती है, इसका असली रंग सामने आता है। यह बाइक हाईवे पर एकदम शांति से दौड़ती है। 100 से 120 किमी/घंटा की रफ्तार पर यह इतनी स्मूद चलती है कि आपको इंजन की मौजूदगी का एहसास ही नहीं होता। अगर आप थोड़ी और स्पीड पकड़ें, तो भी इंजन में कोई कंपन नहीं आता और बाइक पूरी तरह कंट्रोल में बनी रहती है।

सबसे बड़ी बात यह है कि यह बाइक तेज़ चलने के बावजूद थका नहीं देती। इसका छोटा-सा दिखने वाला विंडस्क्रीन वाकई में हवा को ठीक से डायवर्ट करता है। 130 किमी/घंटा की रफ्तार कब पार हो गई, यह आपको पता भी नहीं चलता। ना शरीर पर हवा का दबाव महसूस होता है, ना हेलमेट पर। यही कारण है कि GSX-8R को एक शानदार टूरिंग बाइक कहा जा सकता है।

हमने इसे पुणे से लोनावला और फिर वापस शहर में चलाकर टोटल 200 किलोमीटर से ज़्यादा की राइड की। सीट आरामदायक है, राइडिंग पोजिशन बिल्कुल नैचुरल और थ्रॉटल रिस्पॉन्स इतना कंट्रोल्ड है कि लंबे सफर में हाथ-पैर थकते नहीं। हाईवे पर आपको बार-बार गियर बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ती। चौथे या पांचवे गियर में हल्का थ्रॉटल देने पर बाइक तुरंत स्पीड पकड़ लेती है।

टूरिंग के लिए एक और अच्छी बात यह है कि सीट के नीचे दिए गए लगेज लूप्स की मदद से आप टेल बैग या सॉफ्ट साइड बैग्स आसानी से फिट कर सकते हैं। हालांकि, फ्यूल टैंक छोटा होने के कारण हर 200 किलोमीटर पर पेट्रोल भरवाना ज़रूरी हो जाता है। लॉन्ग राइडर्स के लिए ये थोड़ा सीमित रेंज हो सकता है।

लेकिन ज्यादातर भारतीय राइडिंग कंडीशंस में, खासकर वीकेंड टूरिंग के लिए, GSX-8R एक भरोसेमंद और आसान पार्टनर साबित होती है। न कोई ड्रामा, न कोई शिकायत। बस थ्रॉटल घुमाइए और चल पड़िए।

ब्रेकिंग और सस्पेंशन

GSX-8R का सस्पेंशन सेटअप साफ तौर पर सड़क पर आरामदायक राइड के लिए ट्यून किया गया है, न कि रेसट्रैक के लिए। इसमें आगे Showa का SFF-BP USD फोर्क और पीछे एक लिंक्ड मोनोशॉक मिलता है। दोनों यूनिट्स में डैम्पिंग एडजस्टमेंट नहीं है, लेकिन प्रीलोड सेटिंग दी गई है। फैक्ट्री ट्यूनिंग ही भारतीय सड़कों पर काफी बैलेंस्ड लगती है।

शहर में चलाते वक्त यह बाइक ज्यादातर स्पीड ब्रेकर और हल्के गड्ढों को अच्छे से संभाल लेती है। सामने का सस्पेंशन छोटे झटकों को बड़ी सहजता से सोखता है और राइडर को आराम महसूस होता है। हालांकि पीछे का सस्पेंशन थोड़ा सख्त है। अगर आप बड़े गड्ढों या शार्प बंप्स पर स्पीड कम नहीं करते, तो पीठ में हल्का झटका ज़रूर लगता है।

Close-up of Suzuki GSX-8R’s rear suspension, swingarm, and chain setup
Suzuki GSX-8R का रियर सस्पेंशन और स्विंगआर्म सेटअप, जो राइडिंग में स्टेबिलिटी और कंट्रोल देने में मदद करता है

कॉर्नरिंग के दौरान, खासकर स्मूद सड़कों पर, यह सस्पेंशन बाइक को अच्छा ग्रिप और स्टेबिलिटी देता है। लेकिन जब आप इसे तेज़ कॉर्नर या टाइट स्विचबैक में मोड़ते हैं, तो इसके फ्रंट एंड को थोड़ा ज़्यादा इनपुट देना पड़ता है। इसका हैंडलिंग सेटअप बिल्कुल शार्प नहीं है, लेकिन नया राइडर इससे कॉन्फिडेंस जरूर महसूस करेगा।

ब्रेकिंग सिस्टम की बात करें तो इसमें आगे ट्विन डिस्क और पीछे सिंगल डिस्क मिलता है, साथ में ड्यूल-चैनल ABS भी है। शहर की स्पीड पर ब्रेक्स अच्छा फील और कंट्रोल देते हैं। लेकिन जैसे ही आप तेज़ रफ्तार पर जाते हैं, ब्रेकिंग का असर थोड़ा कम महसूस होने लगता है। फीडबैक उतना शार्प नहीं है और कभी-कभी ब्रेक को ज्यादा जोर से दबाना पड़ता है, जिससे राइडर को थोड़ी असहजता हो सकती है।

अगर इस बाइक में कोई एक चीज़ है जिसे और बेहतर किया जा सकता है, तो वो इसके ब्रेक्स हैं। पावरफुल इंजन के साथ-साथ आपको वैसा ही पावरफुल स्टॉपिंग पावर भी चाहिए और GSX-8R इस मोर्चे पर थोड़ा पीछे रह जाती है।

कीमत और वैरिएंट डिटेल्स

भारत में Suzuki GSX-8R सिर्फ एक ही वैरिएंट में उपलब्ध है, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत दिल्ली में ₹9.25 लाख रखी गई है। इस कीमत में आपको वह सब कुछ मिलता है जो इस बाइक का हिस्सा है — जैसे कि क्विकशिफ्टर, राइडिंग मोड्स, ट्रैक्शन कंट्रोल, TFT डिस्प्ले और ऑल-LED लाइटिंग। किसी भी अतिरिक्त वैरिएंट या फीचर पैक की झंझट नहीं है, जिससे खरीदना आसान हो जाता है।

अगर ऑन-रोड कीमत की बात करें, तो पुणे जैसे शहरों में यह ₹10.8 से ₹11 लाख के बीच पड़ती है। इस प्राइस रेंज में GSX-8R अपने सेगमेंट की सबसे सस्ती फुल-फेयर्ड मिडलवेट बाइक बन जाती है। इसकी सीधी तुलना Honda CBR650R और Triumph Daytona 660 से होती है, जो कीमत में ज़्यादा हैं और कुछ मामलों में फीचर-लोडेड भी हैं।

CBR650R जहां एक इनलाइन-4 इंजन और नए E-Clutch जैसे फीचर्स देती है, वहीं Daytona 660 राइडिंग डायनामिक्स और एंगेजिंग एक्सपीरियंस के मामले में थोड़ी आगे है। लेकिन GSX-8R इन दोनों से हल्की, ज्यादा फ्रेंडली और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए बेहतर साबित होती है।

Suzuki की सर्विस नेटवर्क भले ही Honda जितनी बड़ी न हो, लेकिन ब्रांड की विश्वसनीयता और लो मेंटेनेंस कॉस्ट इसे एक स्मार्ट चॉइस बनाते हैं। खासकर उन राइडर्स के लिए जो पहली बार किसी बड़ी बाइक पर शिफ्ट कर रहे हैं।

इस प्राइस पॉइंट पर GSX-8R न तो फीचर ओवरलोड करती है, न ही कुछ जरूरी चीजें मिस करती है। यह एक ऐसी बाइक है जो पैसों की वैल्यू देने के साथ-साथ प्रैक्टिकलिटी भी बनाए रखती है।

हमारा Verdict: किसके लिए है GSX-8R?

Suzuki GSX-8R उन राइडर्स के लिए है जो शोर नहीं, संतुलन चाहते हैं। यह बाइक किसी ट्रैक मॉन्स्टर की तरह आपको डराने की कोशिश नहीं करती, बल्कि हर सिचुएशन में कंट्रोल और भरोसे का एहसास देती है। अगर आप KTM RC 390, Yamaha R3 या Interceptor 650 जैसी बाइक्स से अपग्रेड कर रहे हैं और अपनी पहली ‘बड़ी बाइक’ लेना चाहते हैं, तो GSX-8R आपके लिए एक मजबूत दावेदार है।

इसका इंजन पावरफुल है लेकिन डरावना नहीं, इसकी राइडिंग पोजिशन आरामदायक है लेकिन बोरिंग नहीं, और इसका लुक मस्कुलर है लेकिन ओवरडन नहीं। यह हर उस राइडर के लिए बनी है जो एक ऐसी बाइक चाहता है जिसे वो रोज चला सके, ट्रैफिक में झेल सके, और वीकेंड पर घाट या हाईवे पर खुलकर दौड़ा सके।

लेकिन अगर आप किसी ऐसी बाइक की तलाश में हैं जो थ्रिल से भरपूर हो, जो हर बार रेव करने पर दिल की धड़कन बढ़ा दे, तो शायद GSX-8R आपके लिए नहीं है। इसमें ना तो ट्रैक फोकस्ड शार्पनेस है, ना ही इनलाइन-4 इंजन वाली सनसनी।

GSX-8R को एक लाइन में कहें, तो यह ‘बड़े दिल वाली समझदार बाइक’ है। यह राइडर को डराती नहीं, बल्कि मोटिवेट करती है। और इसी वजह से यह उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो राइड को एन्जॉय करना चाहते हैं, बिना ज़रूरत से ज़्यादा एक्साइटमेंट या रिस्क के।

मुकाबला: CBR650R और Daytona 660 के सामने कहां टिकती है?

Suzuki GSX-8R सीधे तौर पर दो दमदार मिडलवेट बाइक्स को टक्कर देती है — Honda CBR650R और Triumph Daytona 660। तीनों का अपना अलग स्वभाव है, और GSX-8R उस राइडर के लिए है जो बैलेंस और सादगी को प्रायोरिटी देता है।

सबसे पहले बात करते हैं Honda CBR650R की। यह सेगमेंट की इकलौती इनलाइन-4 इंजन वाली बाइक है, जो हाई-रेविंग थ्रिल और एक शानदार एग्जॉस्ट साउंड देती है। नई CBR में E-Clutch टेक्नोलॉजी भी मिलती है, जिससे बिना क्लच यूज़ किए बाइक स्टार्ट और स्टॉप की जा सकती है। लेकिन CBR की कीमत GSX-8R से लगभग ₹1.25 लाख ज़्यादा है और वजन में भी थोड़ी भारी लगती है। हाईवे पर भले ही CBR ज़्यादा रिफाइंड महसूस हो, लेकिन शहर में GSX-8R ज़्यादा स्मूद और कंट्रोल्ड है।

अब बात करें Triumph Daytona 660 की, तो यह अपने शार्प हैंडलिंग और ट्रिपल-सिलेंडर इंजन के लिए जानी जाती है। इसकी राइड ज्यादा एंगेजिंग और स्पोर्टी है। लेकिन Daytona भी GSX-8R से करीब ₹50,000 महंगी आती है और इसका एर्गोनॉमिक्स लॉन्ग राइड्स के लिए थोड़ा टाइट लग सकता है। Suzuki की बाइक रोजाना चलाने में ज़्यादा आरामदायक और आसान लगती है।

तीनों बाइक्स अपनी जगह सही हैं, लेकिन GSX-8R उन लोगों के लिए है जो एक भरोसेमंद, किफायती और लो-मेंटेनेंस वाली बड़ी बाइक चाहते हैं। यह ना तो बहुत शो-ऑफ करती है, ना ही बहुत बेसिक लगती है। बस एक ऐसा संतुलन देती है जो असली दुनिया के राइडिंग एक्सपीरियंस के साथ पूरी तरह फिट बैठता है।

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Mohit Singhania - ApniBike

Written by Mohit Singhania

Mohit is the founder of ApniBike.in, writing real-world two-wheeler reviews for Indian riders since 2015.

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