TVS iQube रिव्यू (2025): क्या यह भारत का सबसे संतुलित फैमिली EV स्कूटर है?

लेखक: मोहित सिंगानिया | अपडेटेड: 21 जुलाई 2025

क्या TVS iQube एक भरोसेमंद फैमिली EV स्कूटर बन चुका है?

TVS iQube को भारतीय बाजार में एक ऐसे समय में लॉन्च किया गया जब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे थे, लेकिन भरोसे और टिकाऊपन को लेकर लोगों के मन में संदेह बना हुआ था। iQube ने शुरुआत से ही दिखाया कि EV स्कूटर सिर्फ स्टाइल और पावर के लिए नहीं होते, बल्कि ये परिवारों की रोज़मर्रा की ज़रूरतों को भी अच्छी तरह निभा सकते हैं।

इसका लुक सादा है, लेकिन इसमें वो सब कुछ मौजूद है जो एक फैमिली स्कूटर में होना चाहिए: आरामदायक सीट, भरोसेमंद परफॉर्मेंस, लंबी रेंज और सरल फीचर्स जो किसी को भी ओवरवेल्म न करें। इसमें ना तो फालतू दिखावा है और ना ही टेक्नोलॉजी का भारीपन। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

TVS ने इस स्कूटर को एक ऐसे टूल की तरह डिजाइन किया है जिसे मां-बाप, भाई, बहन, सभी बिना झिझक चला सकें। यही वजह है कि यह स्कूटर अब Honda Activa और TVS Jupiter जैसे पेट्रोल स्कूटर्स को टक्कर देने की स्थिति में आ चुका है, और इलेक्ट्रिक सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बनकर खड़ा है।

डिज़ाइन और बिल्ड क्वालिटी: सादगी में मजबूती

TVS iQube का डिज़ाइन पहली नज़र में बहुत साधारण लग सकता है, लेकिन यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। जहां आजकल स्कूटर्स को एग्रेसिव हेडलैंप, शार्प बॉडी लाइन्स और डिजिटल ग्लैमर से भरने की होड़ लगी है, वहीं iQube एक शांत, साफ और भरोसेमंद अपील लेकर आता है। इसका बॉक्सी शेप कुछ हद तक पुराने स्कूटर्स की याद दिलाता है लेकिन बिना बासी लगे।

इस स्कूटर को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि वह हर उम्र के राइडर को स्वीकार्य लगे। इसमें कोई ऐसा स्टाइलिंग एलिमेंट नहीं जो बुजुर्गों को अनकंफर्टेबल लगे या फिर कोई ऐसा टेक एंगल जो नौजवानों को बोरिंग लगे। इसके पैनल्स बड़े और स्मूद हैं, और इसकी प्रोफाइल साइड से देखने पर Activa जैसी संतुलित दिखाई देती है। टेललैंप और हेडलैंप डिज़ाइन में हल्की सी प्रीमियम टच मौजूद है जो इसे एक मामूली स्कूटर से ऊपर उठाता है।

रंगों की बात करें तो TVS ने इसमें अच्छे विकल्प दिए हैं। Mint Blue, Celebration Orange, Copper Brown और Starlight Blue जैसे रंग इसे भीड़ में अलग पहचान दिलाते हैं। Celebration Orange खासतौर पर उन लोगों को पसंद आ सकता है जो कुछ हटकर लुक चाहते हैं लेकिन ज्यादा ज़ोर-शोर नहीं चाहते।

बिल्ड क्वालिटी की बात करें तो स्कूटर पहली झलक में मजबूत लगता है। पेंट फिनिशिंग अच्छी है और प्लास्टिक पार्ट्स सटीक बैठते हैं। हालांकि कुछ यूज़र्स ने ऑनलाइन रिव्यू में बताया है कि लंबे समय के उपयोग में कुछ पैनल गैप्स, ढीले फुटरेस्ट और हल्के जंग की समस्या सामने आ सकती है। यह कमियां गंभीर नहीं हैं लेकिन TVS जैसी ब्रांड से थोड़ी और परफेक्शन की उम्मीद की जाती है।

कुल मिलाकर iQube दिखने में चाहे सिंपल लगे, लेकिन इसका डिज़ाइन और बिल्ड क्वालिटी फैमिली यूज़ के लिए बिल्कुल फिट बैठते हैं।

मोटर और परफॉर्मेंस: चुपचाप संतुलित ताकत

TVS iQube की सबसे अलग पहचान है इसकी मोटर की चुप्पी। स्कूटर में 4.4kW की हब-माउंटेड मोटर दी गई है जो सीधे पिछले पहिए में फिट होती है। यह सेटअप चेन या बेल्ट ड्राइव जैसे एक्सटर्नल सिस्टम की ज़रूरत को खत्म कर देता है, जिससे मेंटेनेंस कम होता है और परफॉर्मेंस लगातार बनी रहती है।

परफॉर्मेंस के लिहाज़ से iQube एकदम स्मूद स्कूटर है। इसका थ्रॉटल रिस्पॉन्स बहुत स्मूद और कंट्रोल में है और ट्रैफिक में चलाने में कोई झटका महसूस नहीं होता। स्कूटर में दो राइडिंग मोड दिए गए हैं — ईको और पावर। ईको मोड डेली कम्यूट के लिए पर्याप्त है, यहां तक कि हल्के ट्रैफिक में भी यह आसानी से ओवरटेक करने की ताकत देता है। वहीं पावर मोड में स्कूटर 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को लगातार बनाए रख सकता है, जो शहरी हाईवे और बाइपास पर चलाने के लिए पर्याप्त मानी जाती है।

iQube की खासियत यह भी है कि जब बैटरी का स्तर कम होता है, तो स्कूटर उसकी टॉप स्पीड को धीरे-धीरे सीमित करता है। लेकिन इसके बावजूद स्कूटर की एक्सीलरेशन क्षमता काफी हद तक बनी रहती है, जिससे ड्राइविंग अनुभव प्रभावित नहीं होता। यह विशेषता उसे बाकी कई स्कूटर्स से अलग बनाती है, जो बैटरी कम होने पर सीधे अपनी स्पीड और पावर दोनों कम कर देते हैं।

iQube तेज या स्पोर्टी स्कूटर नहीं है और इसकी कोशिश भी यही नहीं है। यह स्कूटर संतुलित और भरोसेमंद परफॉर्मेंस देने के लिए तैयार किया गया है, जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ज़्यादा काम आता है।

रेंज और बैटरी परफॉर्मेंस: जितनी बताई है, उतनी चलती भी है

TVS iQube अलग-अलग बैटरी वेरिएंट्स में आता है और हर वेरिएंट की रेंज अलग होती है। सबसे छोटा वेरिएंट 2.2kWh बैटरी के साथ आता है, जिसकी IDC सर्टिफाइड रेंज 94 किलोमीटर है। वहीं सबसे बड़ा वेरिएंट, यानी ST मॉडल, 5.3kWh बैटरी के साथ आता है और इसकी रेंज 212 किलोमीटर तक बताई जाती है।

iQube की खास बात यह है कि इसकी असली रेंज, यानी जो स्कूटर सच में चलता है, वह कंपनी की बताई हुई रेंज के काफी करीब होती है। कई यूज़र्स ने बताया है कि स्क्रीन पर जितनी रेंज दिखती है, स्कूटर लगभग उतनी ही दूरी तय कर लेता है। कई बार यह थोड़ी ज़्यादा भी निकल जाती है, जो कि भरोसे की बात है।

रेंज का चुनाव आपके इस्तेमाल पर निर्भर करता है। अगर आप रोज़ 10 से 20 किलोमीटर ही स्कूटर चलाते हैं, तो 2.2kWh बैटरी वाला वेरिएंट भी काफी है। लेकिन अगर आप ऑफिस जाने के लिए लंबी दूरी तय करते हैं या हफ्ते में 3–4 बार बाहर निकलते हैं, तो 3.5kWh या उससे ज़्यादा बैटरी वाला वेरिएंट ज़्यादा बेहतर रहेगा।

iQube में जो बैटरी टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की गई है, वह लिथियम-आयन पर आधारित है और TVS के अनुसार यह लंबे समय तक टिकने के लिए बनाई गई है। बैटरी के साथ मिलने वाली वारंटी भी अलग-अलग वेरिएंट्स में 3 से 5 साल तक की होती है, जो इसे एक सुरक्षित निवेश बनाती है।

चार्जिंग टाइम और चार्जर की व्यावहारिकता

TVS iQube को चार्ज करने में कितना समय लगेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन सा वेरिएंट खरीदते हैं। सबसे छोटे वेरिएंट यानी 2.2kWh बैटरी वाले मॉडल को 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में करीब 2 घंटे 45 मिनट लगते हैं। वहीं सबसे बड़े वेरिएंट, यानी ST मॉडल की 5.3kWh बैटरी को 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में लगभग 4 घंटे 18 मिनट का समय लगता है।

TVS iQube के साथ 950 वॉट का चार्जर दिया जाता है जो सीधे घर की सामान्य बिजली की सॉकेट में लगाया जा सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको अलग से कोई खास इंस्टॉलेशन या फास्ट चार्जिंग स्टेशन की ज़रूरत नहीं पड़ती।

हालांकि, चार्जर का आकार थोड़ा बड़ा है और इसका वजन भी थोड़ा ज्यादा है। अगर आप इसे रोज़ साथ लेकर चलने की सोच रहे हैं, तो आपको स्कूटर के अंडरसीट स्टोरेज में काफी जगह खाली रखनी पड़ेगी। कुछ लोग इसे बैग में रखकर फ्लोरबोर्ड पर रखते हैं ताकि सफर के दौरान परेशानी न हो।

अगर आप स्कूटर का इस्तेमाल सिर्फ घर से ऑफिस और फिर वापस आने के लिए करते हैं, तो सबसे अच्छा तरीका यही है कि रात में स्कूटर को चार्ज पर लगा दें और सुबह फुल बैटरी के साथ निकलें। इस तरह आपको दिनभर चार्जिंग की चिंता नहीं रहेगी और चार्जर साथ लेकर चलने की ज़रूरत भी नहीं पड़ेगी।

कुल मिलाकर, iQube की चार्जिंग आसान है और इसका चार्जर भरोसेमंद है। बस अगर TVS इसे थोड़ा हल्का और छोटा बना दे तो ये और भी ज्यादा उपयोगी हो जाएगा।

स्टोरेज और उपयोगिता: हर दिन के काम के लिए तैयार

TVS iQube को एक फैमिली स्कूटर की तरह डिज़ाइन किया गया है और इसका सबसे बड़ा फायदा इसकी प्रैक्टिकलिटी में दिखता है। रोज़मर्रा के कामों के लिए इसमें वो सारी ज़रूरी चीज़ें मिलती हैं, जो एक आम यूज़र ढूंढता है।

स्कूटर में 32 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज दिया गया है जो इस सेगमेंट के हिसाब से काफी अच्छा है। इसमें आप एक छोटा बैग, ग्रोसरी का सामान या यहां तक कि कुछ हेलमेट भी आसानी से रख सकते हैं। अगर आप चार्जर साथ लेकर चलना चाहते हैं, तो उसके लिए भी जगह निकालनी पड़ेगी क्योंकि उसका साइज़ थोड़ा बड़ा है।

इसके अलावा iQube में एक USB चार्जिंग पोर्ट मिलता है जिससे आप चलते समय अपना फोन चार्ज कर सकते हैं। स्कूटर के फ्लोरबोर्ड पर काफी जगह मिलती है, जहां आप लैपटॉप बैग या छोटे बैग रख सकते हैं।

सीट के नीचे एक हुक भी दिया गया है, लेकिन सामने कोई ग्लव बॉक्स नहीं मिलता। आजकल ज़्यादातर स्कूटर्स में सामने छोटा स्टोरेज स्पेस दिया जाता है, जहां आप पर्स, चाबी या सनग्लास जैसी छोटी चीज़ें रख सकें। TVS यहां थोड़ी और जगह दे सकता था।

इसके बावजूद, अगर आपका फोकस एक ऐसा स्कूटर खरीदना है जो सामान ले जाने, रोज़ के काम में मदद करने और फैमिली के हर मेंबर के लिए आसान हो — तो iQube इन ज़रूरतों को अच्छी तरह पूरा करता है।

राइड क्वालिटी और कम्फर्ट: सीट सॉफ्ट, सस्पेंशन संतुलित

TVS iQube में बैठते ही जो सबसे पहली चीज़ महसूस होती है, वो है इसकी चौड़ी और सॉफ्ट सीट। चाहे आप अकेले हों या पीछे कोई बैठा हो, सीट का कंफर्ट पूरे राइड के दौरान बना रहता है। छोटे रास्तों के लिए यह सीट एकदम सही है और इसमें लंबे समय तक बैठना भी आरामदायक लगता है।

iQube का सस्पेंशन सेटअप भी खास तारीफ के लायक है। इसमें टेलिस्कोपिक फ्रंट फोर्क और पीछे ड्यूल शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं। यह सेटअप शहर की टूटी-फूटी सड़कों पर स्कूटर को स्थिर और आरामदायक बनाए रखता है। गड्ढों या ब्रेकर पर झटका कम महसूस होता है, जिससे राइडर और पीछे बैठने वाले दोनों को आराम मिलता है।

अगर राइड 40–45 मिनट से ज़्यादा लंबी हो जाए, तो सीट की ज़्यादा सॉफ्टनेस कभी-कभी कमर पर असर डाल सकती है। लेकिन आम तौर पर यह दिक्कत बहुत हल्की होती है और रूटीन राइडिंग में महसूस नहीं होती।

कुल मिलाकर, iQube की राइड क्वालिटी अपने सेगमेंट के स्कूटर्स के बीच संतुलित और आरामदायक मानी जा सकती है। यह न ज्यादा सख्त है, न ही जरूरत से ज्यादा सॉफ्ट — रोज़मर्रा की सवारी के लिए एकदम फिट।

फीचर्स और टेक्नोलॉजी: जरूरी, लेकिन ओवरलोड नहीं

TVS iQube में वो सारे बेसिक स्मार्ट फीचर्स मौजूद हैं जो आज एक इलेक्ट्रिक स्कूटर में होने चाहिएं। स्क्रीन पर टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन मिलता है, कॉल और SMS अलर्ट दिखते हैं, और चार्जिंग स्टेटस भी रियल टाइम में दिखाई देता है। इन सभी फीचर्स का फायदा तब ज़्यादा मिलता है जब आप TVS SmartXonnect ऐप को स्कूटर से जोड़ते हैं।

ऐप के ज़रिए आपको जिओ-फेंसिंग, व्हीकल ट्रैकिंग और एंटी-थेफ्ट अलर्ट जैसी कुछ एडवांस टेक्नोलॉजी भी मिलती है, जो यूज़फुल तो हैं लेकिन बहुत ज़्यादा नहीं लगतीं। ये सभी चीजें यूज़र एक्सपीरियंस को बेहतर बनाती हैं, लेकिन ओवरकॉम्प्लिकेट नहीं करतीं।

ST वेरिएंट में एक बड़ा TFT टचस्क्रीन डिस्प्ले दिया गया है, जो देखने में प्रीमियम लगता है। इसकी ब्राइटनेस और क्लैरिटी अच्छी है और स्क्रीन काफी रेस्पॉन्सिव भी लगती है। अगर आप S वेरिएंट लेते हैं, तो आपको नॉन-टच स्क्रीन मिलेगी, लेकिन जरूरी जानकारी जैसे रेंज, स्पीड और चार्ज लेवल साफ-साफ दिखाई देती है।

फीचर्स की बात करें तो iQube अपने यूज़र को उलझाता नहीं है। जितनी ज़रूरत है, उतना ही देता है। टेक्नोलॉजी का सही बैलेंस दिखता है — न कम, न ज़्यादा।

वेरिएंट्स और विकल्प: कौन सा TVS iQube लेना चाहिए

TVS iQube कुल 6 वेरिएंट्स में आता है। इनमें फर्क सिर्फ रंगों में नहीं है बल्कि बैटरी साइज, रेंज (94 से 212 किलोमीटर IDC), टॉप स्पीड (75 से 82 किलोमीटर प्रति घंटा), वज़न (110 से 132 किलो), चार्जिंग टाइम और फीचर्स में भी है। S और ST वेरिएंट्स में बड़ी 7 इंच की TFT स्क्रीन मिलती है। खास बात यह है कि ST वेरिएंट में यह स्क्रीन टचस्क्रीन होती है।

अगर आपका बजट सीमित है तो बेस 2.2kWh वेरिएंट सबसे सही रहेगा। इसकी IDC रेंज 94 किलोमीटर है और असल उपयोग में लगभग 90 किलोमीटर तक चल जाता है जो एक हफ्ते की डेली राइडिंग के लिए पर्याप्त है।

अगर आप थोड़ा ज्यादा खर्च कर सकते हैं तो iQube 3.5kWh या iQube S 3.5kWh वेरिएंट लेना समझदारी होगी। इनमें 145 किलोमीटर की रेंज मिलती है जो ज्यादातर स्कूटर यूज़र्स के लिए हफ्ते भर से भी ज्यादा चल सकती है।

ST वेरिएंट कागज़ पर शानदार दिखता है। इसमें 212 किलोमीटर की IDC रेंज, टचस्क्रीन डिस्प्ले और कई स्मार्ट फीचर्स मिलते हैं। लेकिन यह सब एक फैमिली स्कूटर के लिहाज से ज़रूरी नहीं लगता, और इसकी एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹1.60 लाख तक जाती है। इसलिए अगर आपकी ज़रूरत लंबे सफर की नहीं है तो S या 3.5kWh वेरिएंट सबसे बेहतर चॉइस होंगे।

मुक़ाबला: TVS iQube बनाम Ather Rizta और Bajaj Chetak

परिवार के लिए स्कूटर लेते समय सिर्फ रेंज और कीमत नहीं, बल्कि कम्फर्ट, डिजाइन और भरोसे जैसे फैक्टर भी अहम होते हैं। TVS iQube का सीधा मुक़ाबला दो और पॉपुलर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से है — Ather Rizta और Bajaj Chetak.

Ather Rizta को युवा राइडर्स ज़्यादा पसंद करते हैं। इसका डिज़ाइन मॉडर्न और थोड़ा फ्यूचरिस्टिक है। लेकिन जब बात आती है कंफर्ट की, तो iQube साफ बढ़त ले जाता है। खासकर लंबे रूट या पिलियन के साथ चलाते समय, iQube की सीट और सस्पेंशन ज्यादा बेहतर अनुभव देते हैं। यानी अगर स्कूटर घर के हर सदस्य को चलाना है, तो iQube ज़्यादा यूज़र-फ्रेंडली ऑप्शन बन जाता है।

Bajaj Chetak एक क्लासिक अपील के साथ आता है। बुज़ुर्गों को इसका डिज़ाइन पुराने जमाने की याद दिलाता है, जो एक भावनात्मक कनेक्शन बनाता है। लेकिन परफॉर्मेंस और मज़ा के मामले में Chetak थोड़ा फीका पड़ता है। iQube एक बैलेंस बनाता है — इसे बड़े-बुज़ुर्ग भी चला सकते हैं और युवा राइडर्स को भी यह स्लो या बोरिंग नहीं लगेगा।

सीधे शब्दों में कहें तो TVS iQube उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो एक ऐसा इलेक्ट्रिक स्कूटर चाहते हैं जो पूरे परिवार की जरूरतों को पूरा कर सके — चाहे वो रोज़मर्रा की सवारी हो, बाजार जाना हो या ऑफिस की डेली कम्यूट।

फाइनल फैसला: क्या TVS iQube खरीदना सही रहेगा?

अगर आप एक ऐसा इलेक्ट्रिक स्कूटर ढूंढ रहे हैं जो पूरे परिवार के काम आ सके, तो TVS iQube एक मजबूत दावेदार है। इसकी सबसे बड़ी खूबी है इसका संतुलन — न तो यह ज़रूरत से ज्यादा हाईटेक है, न ही बेसिक। सादा लेकिन स्मार्ट डिज़ाइन, अच्छा कम्फर्ट, भरोसेमंद परफॉर्मेंस और हफ्तेभर की रेंज देने वाली बैटरी इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए एक परफेक्ट स्कूटर बनाती है।

हाँ, थोड़ी बहुत कमियाँ हैं। बिल्ड क्वालिटी हर जगह टॉप क्लास नहीं है और कुछ जगह कॉस्ट कटिंग दिख जाती है। लेकिन इन कमियों के मुकाबले इसकी खूबियाँ ज़्यादा वज़नदार हैं — खासकर अगर आपका फोकस एक भरोसेमंद, कम मेंटेनेंस वाला फैमिली ईवी लेना है।

सभी वेरिएंट्स में से बेस और मिड वेरिएंट्स सबसे ज़्यादा वर्थ-फॉर-मनी हैं। अगर आपका इस्तेमाल ज़्यादा लंबा नहीं है, तो 2.2kWh वाला बेस वेरिएंट काफी है। और अगर थोड़ी रेंज और फीचर्स चाहिए तो 3.5kWh वेरिएंट बेस्ट ऑप्शन है। ST वेरिएंट सिर्फ उनके लिए है जिन्हें फीचर लोडेड स्कूटर चाहिए और जो ज्यादा खर्च करने को तैयार हैं।

कुल मिलाकर, TVS iQube एक ऐसा स्कूटर है जो दिखने में साधारण हो सकता है, लेकिन काम में बहुत दमदार है।

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Mohit Singhania - ApniBike

Written by Mohit Singhania

Mohit is the founder of ApniBike.in, writing real-world two-wheeler reviews for Indian riders since 2015.

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